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Adhunik Kavya Sangrh, VP2

Adhunik Kavya Sangrh, VP2

A Unique Collection of Poem Famous Hindi Literary Writers : Maithilisharan Gupt : Saket (Ashtam Sarg) / Jaishankar Prasad : Kamayani : Shraddha Sarg / Suryakant Tripathi 'Nirala' : Juhi Ki Kali, Sandhya-Sundari, Badal Rag, Wah Torati Patthar, Sneh Nirjhar Bah Gaya Hai / Sumitranandan Pant : Moh, Badal, Maun-Nimantran, Nauka Vihar, Shilpi / Mahadevi Verma : Rupasi Tera Ghan-Kesh-Pash !, Tum Mujha Mein Priya Phir Parichaya Kya !, Been Bhi Hoon Mein Tumhari Ragini Bhi Hoon !, Mein Neer Bhari Dukha Ki Badali, Chubhate Hi Tera Arun Baan1 / Ramdhari Singh 'Dinkar' : Pavas-Geet, Vyakti, Anal-Kireet, Paurush-Dharm, Parashuram Ka Sandesh & Append, Drut-Paath.

प्रसिद हिन्दी साहित्यिक लेखकों की कविताओं का एक अनूठा संग्रह : मैथिलीशरण गुप्त : साकेत : अष्टम सर्ग / जयशंकर प्रसाद : कामायनी : श्रद्धा सर्ग / सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निरालाÓ?: जूही की कली, सन्ध्या-सुन्दरी, बादल राग, वह तोड़ती पत्थर, स्नेह निर्झर बह गया है / सुमित्रानन्दन पंत : मोह, बादल, मौन-निमन्त्रण, नौका विहार, शिल्पी / महादेवी वर्मा : रुपसि तेरा घन-केश-पाश, तुम मुझमें प्रिय फिर परिचय क्या, बीन भी हूँ मैं तु?हारी रागिनी भी हूँ, मैं नीर भरी दु:ख की बदली, चुभते ही तेरा अरुण बान / रामधारी ङ्क्षसह 'दिनकरÓ :पावस-गीत, व्यक्ति, अनल-किरीट, पौरुष-धर्म, परशुराम का संदेश / परिशिष्ट, द्रुत-पाठ।

  • Stock: 10
  • Model: VP2
  • Weight: 250.00g
  • SKU: VP2
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